Posts

Showing posts from June, 2020

आखें

आँखों में आसुओं की लकीर बन गई, जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई। हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी, गोर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई॥